उसी प्याले की प्यास हो !!..
प्याले से कब प्यास बुझे ?
प्याले में एक जाम हो ..
जाम में पैगाम हो,
पैगाम से कब मन भरे ?
नशे की सौग़ात हो,
नशे में वफ़ा हो...
वफ़ा से कब दिल भरे ?
वफ़ा करने से भी , कोई हमसे खफा हो ..
खफा होने पर हम उसे मनाये
रूठने मनाने में एक बेमालूम अदा हो !
उस अदा में मेरे खुदा की झलक का अंजाम हो !!
अंजाम से कब रूह सींचे ?
इस रूह को सींचने के लिए ..
उसी प्याले की प्यास हो !!
So nice
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