आसमान तो छूना ही था,
पाव फिर भी ज़मीन पर जमाने ही थे
उड़ान भरने का मज़ा ले पाते
अगर थोड़ी हिम्मत दे दी होती..
एहसासों को काबू करना ही था,
मुश्किलें भी पार कर ही लेते
खुद को आज़माने का मज़ा ले पाते
अगर चार कदम और साथ दी होती..
कामयाबी तो हासिल करनी ही थी
कोशिश भी पूरी करते रहे
सफर का मज़ा ले पाते
अगर थोड़ा भरोसा भी दिखा दिया होता..
वाह । बहुत खूब 👌
ReplyDeleteWaa khup chan.👌
ReplyDeleteAparna gadgil- kya baat hai bohot achha keep it up 👍
ReplyDeleteMasta 👌👌
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